हरिसिंगार के पत्तों के 10 अद्भुत स्वास्थ्य लाभ

हरिसिंगार के पत्तों के 10 अद्भुत स्वास्थ्य लाभ

हरिसिंगार के पत्तों के 10 अद्भुत स्वास्थ्य लाभ: हरिसिंगार को चमेली व पारिजात वृक्ष के नाम से भी जाना जाता है। यह वृक्ष मुख रूप से दक्षिण पूर्व ेेएशिया दक्षिण ेेएशिया में पाया जाता है,पश्चिम बंगाल व भारत में भी पाया जाता है।
आमतौर पर हरिसिंगार के पत्तों का इस्तेमाल कपड़ों के लिए पीले रंगों के रूप में किया जाता है हालांकि इसके पत्तों का आयुर्वेद में स्वास्थ्य लाभ भी है। इसके अतिरिक्त
हरिसिंगार के पत्तों के 10 अद्भुत स्वास्थ्य लाभ
हरिसिंगार के पत्तों के 10 अद्भुत स्वास्थ्य लाभ

हरिसिंगार के पत्तों में शरीर के लिए उत्कृष्ट पोषक तत्व होते हैं जिनमें ये शामिल हैं

  • बेन्जोइक अम्ल
  • फ्रक्टोज
  • शर्करा
  • कैरोटिन
  • एस्कार्बिक एसिड
  • मिथाइल सैलिसाईलेट
  • ओलिनोलिक एसिड
इन पोषक तत्वों के कारण हरिसिंगार और भी ज्यादा गुणवत्तापूर्ण से भरा हुआ है।

हरिसिंगार के पत्तों के 10 अद्भुत स्वास्थ्य लाभ

1. हरिसिंगार के पत्तों से करें गठिया रोग का इलाज- गठिया रोगों के लिए हरिसिंगार के पत्ते कारगर साबित हो सकता है, जो आजकल छोटे से लेकर बड़ों में भी यह रोग हो जाता है 
2. मलेरिया को ठीक करता है- हरिसिंगार मलेरिया परजीवीयों को नष्ट कर मलेरिया बुखार को ठीक करने में सहायक होता है।
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3. चिकिनगुनिया और डेंगू को ठीक करता है - हरिसिंगार के पत्ते प्लेटलेट्स को बढ़ाता है जो कि डेंगू चिकिनगुनिया से पीड़ित व्यक्ति में प्लेटलेट्स लगातार कम होता है ऐसी स्थिति में हरिसिंगार के पत्ती प्लेटलेट्स को बढ़ाने का करती है।
4. बैक्टीरिया से लड़ना- हरिसिंगार के पत्तों को एंटी बैक्टीरियल के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है।
5. कास रोग में लाभप्रद - हरिसिंगार के पत्तों का प्रयोग स्वास, कास रोगों में भी किया जा सकता है,निरंतर प्रयोग से जबरदस्त लाभ होता है। यदि आप स्वास रोग से पीड़ित हैं तो आप इसका सेवन जरूर करें क्योंकि वह स्वास के लक्षणों को दूर करने में सहायक होता है।
6. गैस को रोके- शरीर या पेट में गैस बनना अच्छा नहीं होता है, गैस बनने के कारण पेट में दर्द और उल्टी तथा चक्कर आ सकता है ऐसी स्थिति में हरिसिंगार के पत्ते लाभदायक सिद्ध हो सकता है।
7. दाद या खाज खुजली के लिए- हरिसिंगार के ताजे पत्तों को किसी खलबट मे पीसकर पेस्ट बनाकर रख लें और उस पेस्ट को लगाएं जिससे खाज खुजली में राहत मिलती है।
8.  साइटिका- हरिसिंगार के पत्ते से साइटिका में भी रामबाण इलाज किया जा सकता है कुछ दिनों तक लगातार सेवन करने से रोगी में जबरदस्त फायदा देखने को मिलता है।
9. प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाये- हरिसिंगार के सेवन से शरीर का प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है जिससे कई तरह के बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है ।
10. अर्श या पाईल्स रोग में- हरिसिंगार के बीजों को पीसकर पेस्ट बनाकर लगाने से पाईल्स रोग में आराम मिलता है।

हरिसिंगार के पत्तों का सेवन विधि

हरिसिंगार के सात से दस (7-10)  ताजे पत्तों को तोड़कर एक गिलास पानी में डालकर ख़ौलायें आधा बचने पर उसे छान लें फिर थोड़ा कुनकुने होने पर खाली पेट आधा सुबह और आधा शाम को पियें यह प्रक्रिया कुछ दिनों तक लगातार करना होगा। हालांकि इसके पत्तों को चबाकर भी खाया जा सकता है।

सावधानी

हरिसिंगार के पत्तों का स्वास्थ्य लाभ स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है लेकिन आपको इसका सेवन किसी आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी या आयुर्वेद डॉक्टर के सलाह से ही करें क्योंकि इसके अधिक सेबन से स्वास्थ्य के घातक साबित हो सकता है।

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