Maleriya के लिए Ayurvedic Medicine

Maleriya के लिए Ayurvedic Medicine


Maleriya के लिए Ayurvedic Medicine - यहां maleriya की रोकथाम के लिए कुछ ayurvedic घरेलू नुस्खे दिए जा रहे हैं, जिसकी मदद से मलेरिया Diseases को काफी हद तक घर में आसानी से कन्ट्रोल किया जा सकता है।तो बने रहिये हमारे साथ-

मलेरिया प्लास्मोडियम parasites या परजीवियों के कारण होने वाला एक बहुत खतरनाक एवं जानलेवा बीमारी है।यह मादा एनाफिलीज मच्छर द्वारा परजीवियों को काटने के माध्यम से लोगों तक पहुँचता है। तो हम आज कुछ घरेलू ayurvedic medicine  के बारे में बताएंगे जो कि मलेरिया को काफी हद तक बहुत आसानी से ठीक कर सकते हैं।
Maleriya के लिए Ayurvedic Medicine
Maleriya के लिए Ayurvedic Medicine

मलेरिया के लिए Ayurvedic Medicine

अदरक: अदरक का use फ्लू और ठंड के समय पर मुख्य रूप से किया जाता है जो कि प्रभावी ढंग से कार्य करता है अदरक में कई तरह के तत्व उपस्थित होने के कारण मनुष्य के immunity को increase करने में मदद करता है और बीमारी फैलाने वाले कीटाणुओं से रक्षा करता है। साथ मलेरिया से बचने के लिए अदरक को गर्म पानी में अच्छी तरह उबाल कर इसके रस का सेवन कर सकते हैं।

दालचीनी: दालचीनी का use कई शताब्दी से निरंतर किया जा रहा है जो कि मलेरिया के लिए एक प्राकृतिक उपचार के रूप में प्रयोग होता है।दालचीनी में विरोधी भड़काउ और antioxidant और रोगाणुरोधी गुण मौजूद होते हैं,जो सभी मलेरिया के लक्षणों से निपटने में मदद करता है।

दालचीनी को पीसकर चूर्ण बनाकर रख लें या काढ़ा बनाकर इसको  निरंतर पीने से maleriya के लक्षणों में बहुत जल्दी कमी होना शुरू हो जाता है।

तुलसी: तुलसी में एंटीमाईरियल जीवाणु रोधी प्रभाव होता है,जो कि विभिन्न रोगों के इलाज के लिये आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में उत्तम माना गया है।अतः तुलसी के ताजे पत्तों का नियमित रूप से हर्बल चाय बनाकर पीने से मलेरिया से बचा जा सकता है।

गुडूची: गुडूची हर तरह के बुखार,विषम ज्वार, मलेरिया या डेंगू बुखार दोनों के लिए अत्यंत फयदेमंद होता है अतः गिलोय के सेवन से कुछ दिनों में ड़ेंगू, मलेरिया के लक्षण काफी हद तक कम हो सकते हैं।

नोट: यदि किसी को मलेरिया है या मलेरिया के लक्षण दिखाई दे तो  आप सीधे डॉ से परामर्श लें और साथ में उक्त औषधियों का सेवन कर सकते हैं।

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