मधुमेह की जाँच क्या बोलते हैं

मधुमेह की जाँच क्या बोलते हैं


मधुमेह की जाँच क्या बोलते हैं- मधुमेह को साइलेंट किलर के नाम से भी जानते हैं क्योंकि यह स्टाटिंग में यह बीमारी का पता नहीं चलता। Diabetes भारत के लिए बहुत बडी चुनोती बन चुकी है।2017-18 कि एक रिपोर्ट के अनुसार इंडिया में डायबिटीज के सात सौ करोड़ से अधिक संख्या पार कर चुकी है और वर्ष2025-26 में यह दोगुना होने की पूरी संभावना है।

शुगर या मधुमेह की जाँच क्या बोलते हैं


मधुमेह या शुगर की जांच में कई चरण होते हैं।मधुमेह की जांच सामान्य व्यक्ति को भी कराना चाहिए क्योंकि यह जिसे होता उसे पता ही नहीं चलता इसलिए इसे साइलेंट किलर के नाम से भी जानते हैं।तो आइए जानते हैं मधुमेह है या नहीं कौन कौन से आवश्यक जांचों से पता चल सकता है।

मधुमेह या शुगर जांच


शुगर जांच में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रक्त या ब्लड में शर्करा का स्तर पता करना जिससे यह पता चलता है कि रोगी को शुगर है या नहीं यह जांच भी चार अलग अलग प्रकार से होता है

1.एचबीए1सी टेस्ट या जांच
इस जांच को हीमोग्लोबिन ए1सी जांच कहते हैं।इस जांच से रोगी के तीन माह पीछे की शुगर की स्थिति का पता चलता है। इससे पता चलता है कि रोगी प्री डायबिटिक अवस्था में है या रोगी में औषधि ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं।

2.Fbs या फास्टिंग ब्लड शुगर जांच
यह जांच तब की जाती है जब रोगी खाली पेट कम से कम 8 घंटे तक कुछ भी न खाया हो यह डायबिटीज या प्री डायबिटीज की स्थिति को दर्शाता है।

3.Ppbs या पोस्ट प्रेण्डियल शुगर जांच
इस जांच का मतलब है कि, रोगी के भोजन करने के ठीक दो घंटे बाद यह जांच की जाती है। इस जांच से यह पता चलता है कि भोजन के बाद ब्लड में ग्लूकोज का स्तर दोबारा से सामान्य स्थिति में लौटता है या नहीं।

4.Rbs या रैंडम ब्लड शुगर जांच
इस जांच से यह पता चलता है कि स्वस्थ्य व्यक्ति में जांच के बाद स्थिर परिणाम आता है जबकि डायबिटिक व्यक्ति में यह परिणाम भिन्न भिन्न होता है और खासकर ग्लूकोज अच्छी तरह नियंत्रित न हो।

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