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मधुमेह कुसुमाकर रस


मधुमेह कुसुमाकर रस


मधुमेह कुसुमाकर रस- मधुमेह कुसमाकर रस मधुमेह रोगियों के लिए उत्तम आयुर्वेदिक दवा है जो कि बसंत कुसमाकर रस (स्वर्णयुक्त) के मिश्रण से बना हुआ योग है।
जोकि मधुमेह रोगियों के सभी प्रकार की समस्याओं के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करता है।आमलकी, ममज्जक घन, हरिद्रा यह पदार्थ ब्लड तथा मूत्र में बढ़ी हुई शर्करा की मात्रा को अपने पाचक गुणों से कम करने में सहायक होते हैं।

मधुमेह कुसमाकर रस किन किन घटक द्रव्यों से मिलकर बना है,Madhumeh kusamaakar ras kin kin ghatak dravyon se milakar bana hai.


  • बसंत कुसमाकर रस (स्वर्णयुक्त)

  • मामज्जक घन

  • हरिद्रा

  • आमलकी

  • गुडूची या गिलोय

  • शुद्ध शिलाजीत

  • यशद भस्म

  • बेल पत्र का रस आदि आयुर्वेदिक औषधियों के मिश्रण से मधुमेह कुसमाकर रस बना है जो कि मधुमेह रोगियों के लिए अत्यंत उपयुक्त है।

मधुमेह कुसमाकर रस की उपयुक्तता


1.मधुमेह के कारण रोगी में आंख से सम्बंधित समस्या उत्पन्न हो जाता है जिसके कारण रोगी को ठीक से दिखाई नहीं देता या धुन्दला दिखाई देता है ऐसी स्थिति में मधुमेह कुसमाकर रस अत्यधिक उपयोगी साबित होती है।
2.मधुमेह रोगियों को बार बार मूत्र आता है तो ऐसी स्थिति में कुसमाकर रस फायदेमंद साबित होता है।
3.मधुमेह रोगियों को चोट लगने पर घाव जल्दी नहीं भरता है व
4.हिरदय कमजोर होने लगता है और धातुक्षय होने लगता है।
5.इंद्रियां दौर्बल्य या कमजोर हो जाती है आदि कई समस्याओं के लिए मधुमेह कुसमाकर रस अधिक उपयोगी होता है और मुख्य रूप से मधुमेह रोगियों के लिए।

मधुमेह कुसमाकर रस की उपलब्धता


मधुमेह कुसमाकर रस बहुत ही आसानी से किसी भी आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर में मिल जाता है।

मधुमेह कुसमाकर रस का अनुपान या सेवन


कुसमाकर रस को दिन में दो बार गाय का घी या गुनगुने पानी मे एक एक टैबलेट लेना चाहिए। यदि आपके परिवार में कोई सदस्य मधुमेह से पीड़ित हैं तो आप उसे मधुमेह कुसमाकर रस का सेवन जरूर कराएं।

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