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सर्दी-जुकाम और अन्य छोटी मोटी रोगों से बचाने का कार्य रोगप्रतिरोधक क्षमता का होता है

सर्दी-जुकाम और अन्य छोटी मोटी रोगों से बचाने का कार्य रोगप्रतिरोधक क्षमता का होता है


सर्दी-जुकाम और अन्य छोटी मोटी रोगों से बचाने का कार्य रोगप्रतिरोधक क्षमता का होता है : रोगप्रतिरोधक क्षमता {Immunity power} कई तरह के कीटाणु जनित संक्रमण या ईनफेक्शन और फंगल इंफेक्शन से हमारे body की रक्षा करता है।

यह इंफेक्शन बड़ों की अपेक्षा बच्चों में जल्दी हो जाता है जिसका असर कारण Direct immunity power का अविकसित होना है।

रोगप्रतिरोधक क्षमता कम होने के दुष्प्रभाव


[caption id="attachment_344" align="alignnone" width="288"]सर्दी-जुकाम और अन्य छोटी मोटी रोगों से बचाने का कार्य रोगप्रतिरोधक क्षमता का होता है सर्दी-जुकाम और अन्य छोटी मोटी रोगों से बचाने का कार्य रोगप्रतिरोधक क्षमता का होता है[/caption]
सर्दी-जुकाम और अन्य छोटी मोटी रोगों से बचाने का कार्य रोगप्रतिरोधक क्षमता का होता है

जिन लोगों या बच्चों का रोगप्रतिरोधक क्षमता कमजोर होता है उन बच्चों को सभी प्रकार के इंफेक्शन होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और उन्हें बार बार सर्दी-जुकाम, बुखार, निमोनिया, स्किन का इंफेक्शन आदि problems उत्पन्न होती है।जिससे बच्चों का Growth होना मुश्किल होता है और पढ़ाई में कमजोर व दूर हो जाते हैं और मानसिक विकास पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है।और यह इंफेक्शन लगातार बना रहा तो बच्चों के बोलने सुनने पर भी बहुत ज्यादा प्रभावित कर सकता है।

यदि आप भी अपने बच्चों में रोगप्रतिरोधक क्षमता को विकसित करना चाहते हैं तो निचे बताये कुछ steps का पालन कर अपने बच्चों में immunity power बढ़ा सकते हैं और (सर्दी-जुकाम और अन्य छोटी मोटी रोगों से बचाने का कार्य रोगप्रतिरोधक क्षमता का होता है) अपने बच्चों को रोग से बचा सकते हैं।

  • अपने बच्चों को ऐसे लोगों से बचायें जो लोग धूम्रपान या स्मोकिंग करते हैं क्योंकि इनके धुएं के संपर्क में आने से बच्चों के सेहत पर बुरा असर पड़ता है।

  • अपने बच्चों को हमेशा साफ सुथरा रखें और उन्हें साफ सुथरा रहने की सलाह दें।

  • भोजन करने से पहले बच्चों को अच्छी तरह से हाथ धोने को कहें क्योंकि ज्यादतर कीटाणु हाथों से body के अंदर प्रवेश कर जाते और रोग का कारण बन जाते हैं।

  • बच्चों को साथ में घुमाने ले जाएं और बाहर की गतिविधियों के बारे में बताएं।



  • 0 से 6 माह के शिशु को माँ का दूध ही पिलाना चाहिए।


खान-पान में क्या-क्या? शामिल करना चाहिए


1.गाजर : इसमें बीटा कैरोटिन और विटामिन ए भरपूर मात्रा में होती है और यह हमारे शरीर में रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अच्छा स्रोत है।

2. लहसुन: लहसुन में इंफेक्शन को रोकने की क्षमता होती है और बढे इंफेक्शन को खत्म करने की क्षमता भी होती है और यह रोगप्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाने का कार्य करता है।

3. दही: यह बच्चों के पेट में कीड़े को मारने का काम करता है क्योंकि दही में प्रो-बायोटिक्स भरपूर होता है।

4. सूखा मेवा: सूखे हुए मेवे में प्रोटीन, मिनरल्स, विटामिन्स ओमेगा फैटी एसिड व zink, एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं जो कि रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का कार्य करते हैं।इसके अलावा बच्चों को बादाम, पिस्ता, अखरोट, काजू किसमिश, खजूर, अंजीर आदि खिलाना चाहिए।

नोट: बच्चों को सही time पर टीके लगवाएं, बच्चों को खुश रखें उन्हें पूरा time दें, तथा भरपूर सोने दें ओर सर्दी जुकाम की स्थिति में स्वयं इलाज न करें तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं।

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